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मसूरी,

पहाड़ों की रानी मसूरी स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अकादमी में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में 133 युवा अधिकारी आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हो गए। 50 सप्ताह के कठिन एवं चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण के बाद 132 सहायक सेनानी और एक महिला विशेषज्ञ चिकित्सक अधिकारी ने राष्ट्र सेवा और सीमा सुरक्षा की शपथ ली। परेड के दौरान अधिकारियों की शानदार कदमताल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

तेज बारिश के बीच आयोजित समारोह में देशभक्ति और गर्व का अद्भुत माहौल देखने को मिला। दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात रहकर राष्ट्र की सुरक्षा करना गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने कहा कि अब आईटीबीपी की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का दायित्व इन युवा अधिकारियों के कंधों पर है। परेड में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी शिरकत कर नवदीक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईटीबीपी देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है। सीमाओं की रक्षा से लेकर आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा तक, बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज पास आउट हुए युवा अधिकारी देश की नई शक्ति हैं और उन्हें पूरी निष्ठा, समर्पण एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों और अर्द्धसैनिक बलों की भूमि रही है। प्रदेश के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। आईटीबीपी अकादमी से प्रशिक्षित होकर निकले अधिकारी देश की सीमाओं पर भारत का गौरव बढ़ाएंगे।
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों के कंधों पर सितारे सजाए गए। अभिभावकों की आंखों में खुशी के आंसू थे। कई माता-पिता ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण दिन है, जब उनके बेटे-बेटियां देश की रक्षा के लिए तैयार हुए हैं।
इस बैच में एमबीबीएस डॉक्टर, इंजीनियर, एमटेक, एमएससी और अन्य उच्च शिक्षित युवा शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें युद्ध कौशल, शस्त्र संचालन, आपदा प्रबंधन, मानवाधिकार, सैन्य प्रशासन और नेतृत्व क्षमता का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

नव नियुक्त अधिकारियों ने कहा कि कठिन प्रशिक्षण ने उन्हें हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार किया है। उन्होंने युवाओं से सेना और अर्धसैनिक बलों में शामिल होकर राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।

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