हरिद्वार,
धर्मनगरी हरिद्वार में भारतीय किसान यूनियन का राष्ट्रीय चिंतन शिविर लगातार जारी है। शिविर में देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं और किसानों, मजदूरों और गरीबों से जुड़ी समस्याओं को लेकर मंथन किया जा रहा है। किसान अपनी मांगों और परेशानियों को संगठन के सामने रख रहे हैं। चिंतन शिविर में आज भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि देशभर से किसान यहां पहुंचकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और आने वाले समय की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है।
राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्याओं में बिजली, स्मार्ट मीटर, खाद की कमी और खेती से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। टिकैत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह से जंगलों को खत्म किया जा रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि जंगलों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और बड़ी कंपनियों को जमीन देने की प्रक्रिया पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में किसानों को मिले पट्टे भी रद्द किए जा रहे हैं, वहीं पहाड़ी इलाकों में रोजगार और सुविधाओं की कमी के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं। भारतीय किसान यूनियन के इस चिंतन शिविर में किसानों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अगले छह महीनों की रणनीति, आंदोलन और सरकार के सामने रखी जाने वाली मांगों पर भी विस्तृत चर्चा की जा रही हैं।

