हरिद्वार,
उत्तराखंड की महिलाओं को मिली नई पहचान, हरिद्वार से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक पहल!
परियोजना निदेशक झरना कामठॉन (आईएएस) ने किया प्रदेश के पहले ‘हिलांश आउटलेट’ का शुभारंभ,
IOCL के साथ साझेदारी से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिला राष्ट्रीय बाजार,, रीप परियोजना, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र और जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना के समन्वित प्रयासों से बहादराबाद से हुई शुरुआत,
अब उत्तराखंड के 400 से अधिक IOCL पेट्रोल पंपों पर खुलेगा महिलाओं के उत्पादों का हिलांश बाजार
उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हरिद्वार से एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई है। बहादराबाद स्थित मानस पेट्रोल पंप पर प्रदेश के पहले एमओयू आधारित ‘हिलांश आउटलेट’ का शुभारंभ किया गया। ग्रामोत्थान-रीप परियोजना और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संयुक्त पहल से शुरू हुए इस आउटलेट के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार जैविक मसाले, पहाड़ी दालें, हस्तशिल्प, हर्बल एवं पारंपरिक उत्पाद अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन परियोजना निदेशक झरना कामठॉन (आईएएस) ने किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना, IOCL के अधिकारी, मानस पेट्रोल पंप की संचालिका मोनिका गुप्ता तथा बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य मौजूद रहीं। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में उत्तराखंड के 400 से अधिक IOCL पेट्रोल पंपों पर ऐसे आउटलेट स्थापित करने की योजना है, जिससे हजारों महिलाओं को स्थायी बाजार और बेहतर आय का अवसर मिलेगा।

