हरिद्वार
हरिद्वार पहुंचे ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य ने नमामि गंगे घाट पर विधिवत गंगा पूजन कर शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों से हमारी यह यात्रा स्थगित थी, लेकिन अब पुनः ईश्वरीय प्रेरणा मिली है और इसी आशीर्वाद के साथ कल से वह स्वयं यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। शंकराचार्य ने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतकालीन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और यह सनातन आस्था का अनंत प्रवाह है। गंगा आरती कर उन्होंने यात्रा की सफलता, धर्म रक्षा और विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की।
कुंभ 2027 को लेकर दिए बयान में शंकराचार्य ने स्पष्ट कहा कि पर्व न सरकार बनाती है, न समाप्त कर सकती है, यह सनातन परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग कुंभ को अर्धकुंभ कहें या अर्धकुंभ को कुंभ बना दें, निर्णय उनके हाथ में है, लेकिन पर्व की आत्मा सनातन धर्म है, व्यवस्था नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और अखाड़ा परिषद वर्षों से कुंभ की व्यवस्थाएं संभालते आए हैं इसलिए वह किसी प्रकार की टिप्पणी आगे नहीं करना चाहते। उन्होंने प्रशासन और सरकार द्वारा तीर्थयात्रियों को दी जा रही सुविधाओं को भी सराहनीय बताया।
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