हरिद्वार,
जनसुनवाई / डीएम मयूर दीक्षित / सीएम हेल्पलाइन समीक्षा
हरिद्वार में जनसुनवाई का असर! डीएम मयूर दीक्षित ने 60 शिकायतों पर की सुनवाई, 28 मामलों का मौके पर समाधान,,
“जनता की समस्या फाइलों में नहीं, समाधान में दिखनी चाहिए” — डीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण और संवेदनशील कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश,,
“सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी सख्ती” — 36 दिन से ज्यादा लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के आदेश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,,
जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के पास शीघ्र निस्तारण के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, विद्युत और जल निकासी जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। कई शिकायतकर्ताओं ने अवैध कब्जे, भूमि पैमाइश, अधूरे निर्माण कार्य और बाढ़ जैसी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। समीक्षा में एल-1 पर 566 और एल-2 पर 128 शिकायतें लंबित पाई गईं। डीएम ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का निस्तारण शीर्ष प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए।

