हरिद्वार,
धर्मनगरी हरिद्वार की पावन हर की पौड़ी पर गंगा हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्वामी हरी चेतनानंद के सान्निध्य में आयोजित इस सम्मेलन में साधु-संत, साध्वियां, संत समाज से जुड़े प्रतिनिधि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुई, जिसने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। मंच से सनातन संस्कृति, हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से हर की पौड़ी का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उत्सवमय नजर आया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद जी महाराज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म केवल एक पूजा पद्धति नहीं बल्कि जीवन जीने की समग्र शैली है, जो आदि, अनादि और अखंड है। महाराज ने कहा कि आजादी के बाद से हिंदुओं को विभाजित करने के प्रयास हुए हैं, जो आज भी जारी हैं, लेकिन संत समाज हिंदू धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर श्री गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम ने हरिद्वार को देवभूमि का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि जिस प्रकार मां गंगा का जल निरंतर प्रवाहित होता है, उसी प्रकार संघ भी निरंतर आगे बढ़ता रहेगा और समाज को दिशा देता रहेगा।
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