हरिद्वार
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ कार्यक्रम में शहरी विधायक मदन कौशिक ने UCC को सामाजिक समरसता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने UCC लागू करने का निर्णय लिया था, तब कुछ वर्गों द्वारा समाज में
असमानता और भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया, लेकिन बीते एक वर्ष में ऐसा कोई वातावरण नहीं बना। विधायक ने कहा कि आज समाज का प्रत्येक नागरिक कानून के समक्ष स्वयं को समान महसूस कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह पंजीकरण सहित UCC के विभिन्न प्रावधानों को लेकर आम लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ी है, जो इस कानून की स्वीकार्यता और सफलता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि समान नागरिक संहिता समाज के हर वर्ग को समान अधिकार और न्याय देने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों को इससे कानूनी सुरक्षा और सशक्तिकरण मिला है। जिलाधिकारी ने बताया कि UCC के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के चलते पंजीकरण के मामलों में हरिद्वार जनपद पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है, जो प्रशासन और जनता की साझा भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि UCC के प्रावधानों की जानकारी गांव-गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाई जाए, ताकि समाज में समानता और न्याय की भावना और अधिक मजबूत हो सके।
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