हरिद्वार,
हरिद्वार/उत्तराखंड। सप्त ऋषि आश्रम में गुरु समाधि व मूर्ति आवरण कार्यक्रम का आज तीसरे दिन भव्य समापन हो गया। समापन अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बृजेश पाठक उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा और वीवीआईपी हस्तियां मौजूद रहीं। अंतिम दिन आयोजित यह कार्यक्रम अब तक का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन रहा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुदेव समाधि मंदिर में मूर्ति का विधिवत अनावरण किया। कार्यक्रम को लेकर सप्त ऋषि आश्रम और उसके आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, पूरा क्षेत्र सुरक्षा घेरे में रहा।
गुरुदेव समाधि मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 28 मिनट के संबोधन में उत्तराखंड की विकास यात्रा और उत्तर प्रदेश में आए बदलावों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड का गठन हुआ था, उस समय देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और आज उत्तराखंड विकास की मजबूत राह पर आगे बढ़ चुका है। सीएम योगी ने कहा कि कभी अराजकता, असुरक्षा और विरासत पर हमलों से जूझने वाला उत्तर प्रदेश आज सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की पहचान बन चुका है, जहां बेटियां सुरक्षित हैं और व्यापारी बेखौफ होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है और सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण ऐतिहासिक सच्चाई बन चुका है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संतों का मार्गदर्शन राष्ट्र को दिशा देता है और आध्यात्मिक चेतना से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि गुरुदेव की समाधि और मूर्ति का अनावरण केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का माध्यम है।
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