Oplus_131072

हरिद्वार,


होली के रंगों और उल्लास के बीच हरिद्वार में एक ऐसी अनोखी होली देखने को मिली, जहां गुलाल और अबीर की जगह श्मशान की राख से होली खेली गई। हरिद्वार में किन्नर समाज के लोग श्मशान की राख के साथ आपस में होली खेलते हैं। मान्यता है कि भगवान शिव रंगभरी एकादशी के दिन देवी गौरी का गौना कराकर काशी पहुंचे थे। कहा जाता है कि उस दिन वे भूत-प्रेत, यक्ष और गंधर्वों के साथ होली नहीं खेल पाए और अगले दिन उन्होंने श्मशान में होली खेली। यहीं से ‘मसान होली’ मनाने की परंपरा की शुरुआत मानी जाती है।

हरिद्वार में किन्नर अखाड़ा ने खड़खड़ी श्मशान घाट पर मसाने की होली खेली। किन्नर समाज के लोगों ने चिताओं की राख की पहले विधिवत पूजा की और फिर उसी राख तथा रंग के साथ होली मनाई। श्मशान में चिताओं के सामने किन्नरों को होली खेलते देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी ने बताया कि यह पौराणिक परंपरा है, जिसका वे श्रद्धा के साथ निर्वहन कर रहे हैं। बैंड-बाजे के साथ सभी किन्नर श्मशान पहुंचे और पूजा-अर्चना के बाद मसान होली का आयोजन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *