हरिद्वार,
हरिद्वार के सिडकुल हाईवे स्थित एक बैंक्विट हॉल में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती समारोह बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने जीवनकाल में मंदिरों, कुओं, बावड़ियों, सड़कों और धर्मशालाओं का निर्माण कर समाज सेवा और लोककल्याण की अद्भुत मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि उनके इन्हीं महान कार्यों के कारण उन्हें ‘लोकमाता’ का दर्जा प्राप्त हुआ, जो किसी अन्य राजमाता को नहीं मिला। हरीश रावत ने उन्हें महान समाज सुधारक, कुशल शासक और जनजागरण की प्रतीक बताते हुए उनके चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन किया तथा धनगर समाज सहित सभी समाजों को बधाई दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गरिमा और महिला सम्मान का प्रतीक दिवस है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर कोई सामान्य व्यक्तित्व नहीं थीं, बल्कि उनका कृतित्व इतना महान और व्यापक था कि उन्हें पूरे देश में ‘लोकमाता’ के रूप में सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि धनगर समाज सहित विभिन्न समाज उनके आदर्शों और कार्यों से स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। हरीश रावत ने लोकमाता की पुण्य स्मृति और उनके लोककल्याणकारी योगदान को नमन करते हुए समाज से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

