देहरादून,
अंकिता भंडारी प्रकरण में पदंश्री और पर्यावरणविद अनिल जोशी द्वारा अज्ञात के खिलाफ एफआईआर किए जाने पर समाज के बुद्धिजीवी,विभिन्न संगठनों और राजनैतिक दलों की और से सवाल खड़े किए जा रहे है। इसी क्रम में मूल निवास भू क़ानून संघर्ष समिति ने पत्रकार वार्ता कर इस एफआईआर पर कई सवाल खड़े किए है। मूल निवास भू क़ानून संघर्ष समिति के संयोजक लुसून टोड़रिया ने कहा की अनिल जोशी का अंकिता भंडारी मामले में एफआईआर दर्ज करवाना कई सवाल पैदा करता है। उन्होंने कहा की एफआईआर अंकिता भंडारी के परिवार की तरफ से होनी चाहिए थी लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने जैसे ही सी बी आई की घोषणा की उसी रात अनिल जोशी ने एफआईआर दर्ज की। लुसून टोड़रिया ने कहा की जो व्यक्ति राज्य में आई आपदा पर मौन रहा जो अंकिता भंडारी के विषय पर इतने सालो तक चुप रहा हो आखिर उन्हें अब एफआईआर की याद क्यों आई। साथ ही कहा की उनके द्वारा कई जगह काम किए गए जो की सवालों के घेरे में रहे है।
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