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हरिद्वार,

नगर निगम हरिद्वार ने अपनी आय बढ़ाने और वर्षों से हो रहे राजस्व नुकसान पर लगाम कसने के लिए सख़्त रुख अपनाया है। निगम की संपत्तियों का गहन रिव्यू शुरू कर दिया गया है, जिसकी शुरुआत रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित 100 से अधिक कमरों वाले एक बड़े होटल से की गई। जांच में सामने आया कि कीमती व्यावसायिक लोकेशन पर स्थित होने के बावजूद इस होटल से नगर निगम को सालाना महज़ 47 हजार रुपये का किराया मिल रहा था, जिससे निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
रिव्यू के बाद सर्कल रेट के आधार पर किराए का पुनर्निर्धारण किया गया है, जिसके तहत अब संबंधित होटल को हर महीने 4 से 6 लाख रुपये तक का किराया नगर निगम को जमा कराना होगा। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सिर्फ एक संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम की सभी संपत्तियों की चरणबद्ध समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगम की संपत्तियों पर अब किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और राजस्व बढ़ाने के लिए सख़्त फैसले लगातार लिए जाएंगे।



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