रुड़की,
रुड़की के मंगलौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल उस वक्त खुलती नजर आई जब एक टीबी मरीज अस्पताल के फर्श पर तड़पता मिला। मरीज की हालत देखकर स्थानीय विधायक काजी निजामुद्दीन और पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम भड़क उठे। मामला इतना बढ़ गया कि विधायक खुद मरीज को अपनी गाड़ी में बैठाकर निजी अस्पताल ले गए। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। गुरुवार को एक टीबी पीड़ित मरीज अपनी पत्नी के साथ उपचार के लिए मंगलौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। आरोप है कि अस्पताल में मरीज को न तो समय पर उपचार मिला और न ही बेड उपलब्ध कराया गया। इसी बीच मामले की सूचना मिलने पर विधायक काजी निजामुद्दीन और पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों ने मरीज को फर्श पर लेटा देखा, जिसे देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। विधायक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्ट्रेचर तक गंदगी से भरे पड़े थे और डॉक्टर मूकदर्शक बने रहे। विधायक ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक मंगलौर काजी निजामुद्दीन ने कहा कि जब हम अस्पताल पहुंचे तो मरीज फर्श पर पड़ा तड़प रहा था। गरीब मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष चौधरी इस्लाम ने भी अस्पताल के चिकित्सक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। बढ़ते विवाद और मरीज की हालत को देखते हुए विधायक मरीज को अपनी निजी गाड़ी से रुड़की के निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अधीक्षक डॉक्टर गंभीर सिंह तालियान का कहना है कि विधायक को गलत जानकारी दी गई है।

